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दिन दहाड़े मर्डर बिहार पुलिस की गुंडा गर्डी जिनकी हत्या पुलिस ने कस्टडी में गाड़ी से खींच कर निर्ममतापूर्वक कर दी।: udtabihar

Bihar,बिहार  बिहार की पुलिस कितनी बेहोश है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अपराधियों पर उनका नियंत्रण नहीं है और अब पुलिस बेगुनाह निर्दोष लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है।  यह न्याय के साथ नीतीश कुमार का विकास है।  नीतीश कुमार और ऐसी पुलिस पर शर्म करो।  अब हम सीतामढ़ी विधानसभा के रंजीतपुर गाँव के निवासी हैं।  नागेश्वर प्रसाद यादव के आवास पर हैं, जिन्हें पुलिस ने कार से हिरासत में लेने के बाद बेरहमी से हत्या कर दी थी।  लानत है ऐसी पुलिस और पुलिस के मुखिया से, जो अपराधी के स्थान पर एक आम आदमी के साथ व्यवहार करती है।  हम सिर्फ उनके परिवार के सदस्यों से मिले हैं।  मैं उसके घर के शोक से हिल गया।  हमने उनके परिवारों को सांत्वना दी और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।  दुख की इस घड़ी में हम उनके पूरे परिवार के साथ हैं।  उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी।  इसलिए हमने उन्हें पार्टी से gave 1,00,000 की वित्तीय सहायता दी और हम उनकी बेटी की शादी एक पिता के रूप में करवाएंगे।  साथ ही हम सरकार से मांग करते हैं कि ऐसे दोषी पुलिसकर्मियों को बिना किसी निलंबन के नौकरी से निलंबित कर दिया जाए और उस पर उचित कार्रवाई की जाए।  हम इस मामले पर बिहार के डीजीपी से भी मुलाकात करें
आखिर कब तक बिहार में अपराध गन्दा खेल चलता रहेगा अपराधी द्वारा कभी रक्षक हीं भक्षक बन जाते हैं शायद हीं कोई ऐसा दिन खाली जाता हो जिस दिन बिहार में हत्या या बलात्कार की घटनाएं ना होती हो आखिर कब तक सत्ता के नशें में चूर सरकार को कब होश आएगी अगर नहीं संभल रहा है बिहार तो कुर्सी छोड़ क्यों नहीं देते बिहार के मालिक जनता आखिर क्यों इतनी जुल्म को बर्दाश्त कर रहें हैं ईश्वर ने मौका दिया है कर दीजिए बदलाव बिहार की सत्ता में उखाड़ फेकिये ऐसी निकम्मी सरकार को 
जब प्रदेश का मुखिया ही चुनाव मे व्यस्त हो और बिहार पुलिस सिर्फ गाड़ी वाले का चालन काटने मे व्यस्त हो तो अपराधी का हौसला बढ़ेगा ही। धिक्कार है ऐसे कानून व्यबस्था पे शर्म आनी चाहिए इन लोग को जो सोसल मीडिया पे अपनी मुँह मिठु बनते है तो। बिहार मे कानून नाम का कोई चीज नहीं है बिहार में सिर्फ कमीशन सरकार है।

जब प्रदेश का मुखिया ही चुनाव मे व्यस्त हो और बिहार पुलिस सिर्फ गाड़ी वाले का चालन काटने मे व्यस्त हो तो अपराधी का हौसला बढ़ेगा ही। धिक्कार है ऐसे कानून व्यबस्था पे शर्म आनी चाहिए इन लोग को जो सोसल मीडिया पे अपनी मुँह मिठु बनते है तो। बिहार मे कानून नाम का कोई चीज नहीं है बिहार में सिर्फ कमीशन सरकार है।

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