शुन्य % ब्याज रेट मतलब क्या अगर कोई ब्याज नहीं तो सामने वाली कंपनी को क्या मुनाफा होता है ? गुर्दा में दरार जलन होने लगी है तो जरूर पढ़ें घरेलू इलाज udta bihar
Advertise,विज्ञापन की दुनिया में सत्य का कोई अर्थ नहीं होता, झूठ बोलने से कानूनी पेंच फस जाते है और इसलिए अर्थसत्य का बोल बाला होता है। शून्य प्रतिशत ब्याज वाले कर्ज़ों की कथा भी अर्धसत्य ही है। इसके कई तरीके होते है परन्तु एक मुख्य तरीका होता है Actual Value और Perceived Value के अंतर के दोहन से। इसे निम्नलिखित से समझिये। किसी वस्तु की विक्रय कीमत 100 रुपये है। उसपर MRP लिखा है 110 रुपये का। अब यदि डीलर के पास आप जाकर कहें कि आप पूरा भुगतान कर चीज़ लेने को तैयार हैं और वो अपना डिस्काउंट बताएं तो आप देखेंगे कि डीलर 100 से 110 के बीच की किसी भी मूल्य के लिए आपको सामान बेचने को तैयार हो जायेगा। यदि आप ज्यादा डिस्काउंट माँगेंगे तो वह आपको लोन लेने की सलाह देगा। अब जब आप लोन देनेवाली कंपनी के पास जायेंगे तो वह आपको लोन की शून्य प्रतिशत स्कीम के बारे में बताएगा। अब वह कहेगा कि 110 की कीमत पर वह आपको 80 रुपये का लोन देने को तैयार है। अर्थात, आपको 30 रुपये लगाना पड़ेंगे। इस के अलावा लोन प्रोसेसिंग फीस 1 से 2.5 प्रतिशत लगेगी। और आप लोन की अवधी में 80 रुपये ह...